Tuesday, June 16, 2015

A Motivational song of Life......देर लगी लेकीन


देर लगी लेकीन 
मैंने अब है जीना सीख लिया 
जैसे भी हो दिन
मैंने अब है जीना सीख लिया 

अब मैंने .......
ये जाना है , ख़ुशी है क्या ,गम क्या 
दोनों ही , दो पल की है ऋतू 
न यह ठहरे न रुके 
ज़िन्दगी दो रँगों से बने 
अब रूठे अब माने 
                                       ये तो है , येही तो है यहाँ  …।                                        

देर लगी लेकीन 
मैंने अब है जीना सीख लिया
आँसुओं के बीन  …। 
 मैंने अब है जीना सीख लिया
 अब मैंने ......
ये जाना है किसे कहूँ अपना 
है कोई जो ये मुझसे कह गया 
ये कहा तू रह गया 
ज़िन्दगी तोहै जैसे कारवाँ 
तू है तनहा कब यहाँ 
सभी तो है , सभी तो है यहाँ 


कोई सुनाए जो हस्ती मुस्कराती कहानी 
कहता है दिल मै भी सुनु 
आँसू भी मोती हो जो किसी के निशानी 
कहता है दिल मै भी चुनु 
बाँहें दिल की हो बाँहों में चलता 
चलूँ यूँही राहोँ में 
बस यूँही, अब यहाँ , कब वहाँ 

 देर लगी लेकीन 
मैंने अब है जीना सीख लिया
आँसुओं के बीन  …। 
 मैंने अब है जीना सीख लिया

है कोई जो ये मुझसे कह गया 
ये कहा तू रह गया 
ज़िन्दगी तोहै जैसे कारवाँ
तू है तनहा कब यहाँ 
सभी तो है , सभी तो है यहाँ
सभी तो है , सभी तो है यहाँ

Be Happy and Move on................

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Monday, June 8, 2015

Hindi Motivational Video clip ........." जीवन यात्रा क्या है। "

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जीवन क्या है , जीवन यात्रा क्या है। 
इच्छायों के बीच जीवन है या 
इच्छायों के गर्भ से ज्ञान का उदय होता है 
या अज्ञानता में ही जीवन जी रहे हो ?
ज्ञान वो जो कीचड़ से कमल बना दे… 
संघर्ष से शांति की और चल दे …

Hindi Motivation Video clip....." न्याय और अन्याय क्या है। "

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न्याय  और अन्याय  क्या है। 
इस में क्या अंतर है। 
एक बार विचार जरूर करे 
 हम भी न्याय के रस्ते चलते चलते कही 
 अन्याय ही हमारी मंजिल न बन जाय।





Tuesday, June 2, 2015

The Song i like Most.....कर-कर मैं हारा हर जतन (kailash kher )



यूं तो तेरी याद में भी स्वाद है तेरा
पर आँखों को मनाऊं किस तरह
होंठों की मजाल क्या जो करे ये सवालपर दिल को मैं समझाऊं किस तरह
सत या असत है (ये) मैं क्या जानूं
जैसे सांसे तेरे बिना हुई गुम

कर-कर मैं हारा हर जतन
तेरी तड़प तेरी ही लगन
पर्दा ये जब हट जाएगा
अम्बर को धरती से मिलाऊंगा
मैं कर-कर मैं हारा...

भुला-भुला, खोया-खोया भटका फिरूँ मैं तेरी चाह में
तक-तक, अंख मुरझाई, पथराई तेरी आह में

आँखों में मेरी जो समाएगा
पंख बिना ही उड़ जाऊंगा
मैं कर-कर मैं हारा...

कभी-कभी धूप, कभी छांव, तू ही है पहचान लूं
या तो मुझे हंसा बना दे तो, मैं तुझे जान लूँ

खुशबू से जो तू बाहर आएगा
सूरज को गोद में खिलाऊंगा
मैं कर-कर मैं हारा..

                                               

Movie/Album: यात्रा - द नोमैडिक सोल्स (2009)
Music By: कैलाश खेर, नरेश कामथ, परेश कामथ
Lyrics By: कैलाश खेर
Performed By: कैलाश खेर