Wednesday, September 7, 2011

                    निरन्तर  प्रयास  और  दूढ विश्वास के आगे  हर मुश्किल  हार जाती है 
                            असम्भव अपने आप सम्भव में  बदल  जाता  है

Monday, September 5, 2011

khushi ka Raj

अच्छे काम  करके , दूसरो को खुश करके, कटोर परिश्रम करके
तुम्हे जो संतोष मिलेगा, वाही तुम्हरी सबसे बड़ी ख़ुशी होगी !
और सबसे बड़ी ख़ुशी वह होती है जो कुछ खोकर पाई जाती है !!

उदारण - परिश्रम करने से व्यायाम हो जाता है व्यायाम से हालाकि  
शरीर को कष्ट होता है, किन्तु कष्ट के मुकाबले लाभ बहुत अधिक होता है
 इस से उनका शरीर थक जाता है और उन्हें खूब गहरी नींद आती है !
      येही कारण है कि उनका सेहत बहुत अच्छा रहता है !
        और जिनका सेहत अच्छा है वाही खुश रहता है !!!
                                         मेरे  दिल की बात  
                में जो कुछ बोल पाता  हु         प्यारो  प्रभु की  सौगात   
                  में  भी क्या  बोल पाता          मेरी  है  कितनी  औकात  
             झटका  प्रभु  ने दिया मुझे          फट  से मैंने  बोल डाला 
                 तार  तार होने से पहले          दुखड़ा  मैंने  सी  डाला
             उमस  तब तब बढ़  जाती          जब होती कम बरसात 
                  में भी क्या बोल पाता           मेरी है कितनी औकात 
 
              भर भर खाली होना  है            खाली हो के  भरना  
              कम खाना  गम खाना            सहना  पल  दो पल  का  रहना 
            कांटो में गुलाब खिलते है          सीधी  सच्ची  बात
        आत्मा  करे  ना  रैन  बसेरा          सुन रे  डाली  पात  
             में भी क्या बोल पाता             मेरी है कितनी औकात 

Sunday, September 4, 2011

Beauty Of Thoughts

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Thoughts have Great Powers But to get the power One should understand the Thoughts Magic................

Saturday, September 3, 2011

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Meri Dadi Dadi Prakashmani ..      The story of my dadi  is till alive.  its not the matter of physical body. but here it is a special universal soul  story  is  on going  for ever .  we love dadi all the time.
A heartly  Tribute to our Dadi Dadi prakashmani............ 

Thursday, September 1, 2011

   मेरी  दादी  दादी  प्रकाशमणि 
    दुनिया में  ददिया  तो बहुत  है  पर  
       मेरी  दादी दादी प्रकाशमणि  है  वो  सब से  अलग
           संसार में लोग आते  है पर कुछ लोग इतियहस रचते है  और उन्हें  पूरी दुनिया जान  जाती है  
     चाहे वो जीवित हो या ना हो पर वो हर इंसान के जुबा और दिल में रह जाते है
         उनकी तस्वीर हो ना हो पर सब के दिल में 
   उनका छाप सदा के लिए बना रहता है
                       मेरी  दादी   दादी    प्रकाशमणि
                                                                             मेरी  दादी   दादी    प्रकाशमणि